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Dewas CEO Rishwat Case: MP में नहीं रुक रही रिश्वतखोरी,अब देवास में जनपद सीईओ 20 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ाया WhatsApp channel
भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त की मुहिम के बावजूद मध्य प्रदेश में रिश्वतखोरी के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। अब देवास से सामने आए ताजा मामले में लोकायुक्त ने जनपद जनपद सीईओ को 20 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा है। Telegram
हाइलाइट्स
- देवास में टोंक खुर्द में उज्जैन लोकायुक्त की कार्रवाई।
- जनपद सीईओ 20 हजार की रिश्वत लेते गिरफ्तार।
- रोजगार सहायक के तबादले के लिए मांगी थी रिश्वत।
Dewas Tonk Khurd CEO Rishwat Case Lokayukta Action: मध्य प्रदेश में लोकायुक्त की सख्त कार्रवाई के बावजूद रिश्वतखोरी पर लगाम नहीं लग रही है। रोजाना किसी न किसी सरकारी कर्मचारी या अधिकारी के रिश्वत लेते पकड़े जाने की खबर सामने आ रही है। बावजूद इसके, सरकlरी महकमे में रिश्वत का खेल लगातार जारी है। ऐसा लगता है मानो भ्रष्टाचारियों को न तो कार्रवाई का डर है और न ही कानून का खौफ।
अब देवास से रिश्वतखोरी का मामला सामने आया है। जहां उज्जैन लोकायुक्त पुलिस ने कार्रवाई करते टोंक खुर्द जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) राजेश सोनी को 20 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी सीईओ ने
रोजगार सहायक के तबादले के लिए पैसों की डिमांड की थी। इस कार्रवाई के बाद पंचायत कार्यालय हड़कंप मच गया।
तबादले के लिए मांगी थी रिश्वत Facebook
दरअसल, उज्जैन लोकायुक्त ने यह कार्रवाई टोंक खुर्द तहसील सोनसर निवासी रोजगार सहायक कृष्ण पाल सिंह की शिकायत के बाद की है। कृष्ण पाल सिंह ने उज्जैन लोकायुक्त कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई कि टोंक खुर्द जनपद पंचायत के
मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) राजेश सोनी ने उनका ग्राम पंचायत नावदा में तबादला करने के बदले 20 हजार रुपए की रिश्वत की मांग की थी।
उन्होंने आगे बताया कि रिश्वत के लगातार दबाव के चलते वे मानसिक रूप से परेशान हो चुके थे। आखिरकार, उन्होंने 29 सितंबर 2025 को लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक आनंद यादव को पूरी जानकारी दी और न्याय की गुहार लगाई।
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सीईओ को घूस लेते रंगे हाथों पकड़ा
रोजगार सहायक की शिकायत के बाद लोकायुक्त निरीक्षक दीपक सेजवार ने सत्यापन कराया। शिकायत सही पाए जाने पर लोकायुक्त टीम ने ट्रैप ऑपरेशन किया। इसके बाद, शुक्रवार 10 अक्टूबर को लोकायुक्त टीम ने अपने प्लान के मुताबिक कार्रवाई करते हुए जनपद कार्यालय में दबिश दी और ऑफिस में जैसे ही शिकायतकर्ता रोजगार सहायक ने सीईओ राजेश सोनी को रिश्वत के पैसे दिए तो टीम ने मौके पर अधिकारी को रंगे हाथों पकड़ लिया। लोकायुक्त की इस कार्रवाई जनपद पंचायत कार्यालय में हड़कंप मच गया।
टीम में ये रहे शामिल
इस कार्रवाई में उप पुलिस अधीक्षक राजेश पाठक, निरीक्षक दीपक सेजवार, श्याम शर्मा, उमेश जाटवा, संदीप कदम और रमेश डाबर जैसे लोकायुक्त टीम सदस्य शामिल थे। फिलहाल में मामले में जांच जारी है।




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